Wednesday 21 September 2011

Bihar Police Song by Aravind Pandey IPS 1988 Bihar Cadre .wmv

Bihar Police Song by Aravind Pandey..IPS 1988.

This is the First Inspirational Song of Bihar Police ,
Created by Aravind Pandey..This was written ,
Composed and Sung by Aravind Pandey in 2003
and was released in an Album by Venus..

आरक्षी हम नौजवान हैं.
हम बिहार की आन बान हैं.

अपने खून से इतिहासों के,
पन्नों पर लिखते निशान हैं.

आरक्षी हम नौजवान हैं.
हम बिहार की आन-बान हैं.
१.
बारूदों से भरी राह पर हम बेफिक्र बढे जाएँ.
हम काँटों का हार बनाकर इक दूजे को पहनाएं.

जन जन की रक्षा को हम सब, अपना तन मन धन खोएं .
हम जगते रातों को जिससे सुख की नींद सभी सोएं.

हम हैं खून बहाते अपना, हमें यही इक चाह.
सबकी हो खुशहाल ज़िंदगी , भरे न कोई आह.

रहे सदा खुशहाल हमारा
भारत जो हम सब का प्यारा.

जब जब जनता हमें पुकारे
हम देते हैं उसे सहारा.

जय बिहार जय हिंद.
जय बिहार जय हिंद.

आरक्षी हम नौजवान हैं.
हम बिहार की आन-बान हैं.

२ .
नगर-नगर बन-बन पर्वत पर
हम दिन रात गश्त करते हैं.

उग्रवाद का जाल तोड़कर
हम आगे बढ़ते चलते हैं.

अपराधी के सीने पर जब
गरज उठें बंदूकें अपनी .

मानव का अधिकार बचे,
लग जाय जान की बाज़ी अपनी.

हम मिट जाँय मगर विजयी हो अमर बिहार महान .
पुलिस आज है तुम्हें दे रही अपना यह पैगाम-

जिओ तो ऐसे जिओ कि जिससे लोग तुम्हारा मान करें.
मरो तो ऐसे मरो तुम्हारे लिए ये दुनिया आह भरे.

जिस मिट्टी में जनम लिया है,
जिस माता का दूध पिया है,
जिस कूएँ ऩे प्यास बुझाई ,
क्या कुछ तुमने उसे दिया है.

आरक्षी हम नौजवान हैं.
हम बिहार की आन बान हैं.

Aravind Pandey

Thursday 25 August 2011

बिहार का निर्णय : श्री अभयानंद:पुलिस महानिदेशक

श्री अभयानंद और श्री अरविंद पाण्डेय
२००९ में मुज़फ्फरपुर  के एक  कार्यक्रम में.



कुछ करो आखिर तो तुम भी इस ज़मीं के हो सपूत.
अब तो इस सूबे की सूरत और सजनी चाहिए.


In the Era of Engulfing Movement for Demand of Jan Lokpal, Bihar, in the Visionary Leadership of Shri Nitish Kumar, Decides to make the system once again'' the best Administered '', so, appoints Shri Abhayanand as Director General of Police.Shri Abhayanand, an officer with vision of Effective Honesty, the Concept-Creator of Wold-Famous Super30. Mere one decision of Government has created a wave of expected joy among those who want to see '' Bihar , the Best '' , at the same time, it created expected fear among corrupts who live with philosophy that all politicians are in favor of weak administrators..Again , Shri Nitish Kumar proved himself to be different among his own community.. Let the Bihar meet his Destiny soon..Shri Abhayanand and Shri Aravind Pandey in 2009.






Saturday 6 August 2011

' हम आपके हैं दोस्त '' Book on Creative Policing by Aravind Pandey




'' हम आपके हैं दोस्त ''

 १०० पृष्ठों की यह  पुस्तक.मेरी दूसरी पुस्तक है ...९, १०, ११ जुलाई २०११ को पटना में आयोजित Anti Human Trafficking Workshop में मैंने बिहार के ४० पुलिस उपाधीक्षकों  के साथ सहायक अभियोजन अधिकारी तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को बुलाया था..प्रतिभागियों को अनेक विशेषज्ञों ऩे क़ानून की  जानकारी दी ..विषय के मनोवैज्ञानिक और सामाजिक पक्ष पर दिए अपने वक्तव्य में मैंने उन्हें बताया कि इस समय पुलिस के आधुनिकीकरण के पहले मानवीकरण की आवश्यकता है.,अपनी इस पुस्तक में मैंने क़ानून और प्रक्रिया के ज्ञान के साथ पुलिस अधिकारियों को यह बताया  है कि उन्हें पहले अपने मन और मस्तिष्क की  '' आतंरिक पुलिसिंग '' करनी होगी जिससे जिन प्रलोभनों के कारण वे अपनी शक्ति का प्रयोग सही तरीके से लोकहित में नहीं कर पाते हैं वह कर पायें.

अरविंद  पाण्डेय 

Sunday 12 December 2010

New Bihar Again takes Historical Decision

श्री नीतीश कुमार की पहल पर बिहार मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया है कि विधायक-मद के लिए आवंटित वार्षिक एक करोड़ रुपये की राशि का प्रवाधान ख़त्म किया जाय.इसके पीछे तर्क यह है कि इस एक करोड़ की आवंटित राशि के वितरण में विधायको को उस क्षेत्र के लोगों का भारी विरोध झेलना पड़ता है जिस क्षेत्र के लिए वे उस राशि से वे आवंटन नहीं दे पाते.यह भी तर्क है कि इस राशि के नियमानुसार उपयोग में सम्बंधित अधिकारी ध्यान नहीं देते और विधायको को बदनामी झेलनी पड़ती है.
             विधायको को यह बताया गया है कि वे जिला योजना समिति के सदस्य के रूप में अपने क्षेत्र के  सर्वांगीण विकास का का सारा कार्य कराने, विशिष्ट अनुशंसा करने,उसका क्रियान्वयन कराने में सक्षम होगे और उनकी अनुशंसाओं को मानना जिला विकास अधिकारियों की बाध्यता होगी.
    बिहार के आमलोगों ने इस निर्णय को पसंद किया है और इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया ज रहा है.
इस निर्णय के बाद अब विधायको के वेतन भत्ते में सरकार को वृद्धि करनी चाहिए.यह वृद्धि नियम के अनुसार आवश्यक भी है क्योकि विधायक की स्थिति, शिष्टाचार (Protocol) की दृष्टि से, राज्य के सभी अधिकारियों से ऊपर है.राज्य के सर्वोच्च अधिकारी मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को विधायक का स्वागत अपने कार्यालय काश में खड़े होकर करना है.किन्तु दोनों के वेतन में ज़मीन-आसमान का फर्क है.जबकि राज्यव्यवस्था में वेतन के अधिक या कम होने से ही वरीयता या उच्चता का निर्धारण होता है.ऐसी स्थिति में विधायक का वेतन भत्ता मुख्यसचिव से अधिक किया जाना ही नियमानुसार उचित होगा.
             लोकहित में एक निर्णय और अपेक्षित है कि जैसे जिलाधिकारी,पुलिस अधीक्षक जैसे क्षेत्रीय अधिकारियों का आवास उनके क्षेत्र में ही होता है उसी तरह विधायक और सांसद का आवास भी उनके विधानसभा क्षेत्र और लोकसभा क्षेत्र में ही हो.जिससे वे अपने क्षेत्र में रहकर उस क्षेत्र की जनता की तरह ही जीवन यापन कर सके.इससे वे अपने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान तथा  उस क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए और अधिक समर्पित भाव से काम कर पायेगे और ऐसा काम करना उनकी बाध्यता भी होगी.
बिहार सरकार का यह निर्णय एक ऐसा निर्णय है जिसे बिहार और सारे देश के एक एक नागरिक का समर्थन प्राप्त है.सरकारें ऐसा निर्णय कभी कभी ही कर पाती हैं.इसलिए यह निर्णय ऐतिहासिक है.


-- Bihar Bhakti Aandolan Trust

Friday 10 December 2010

First Apeal to Build New Bihar by Aravind Pandey in2003

बिहार के समृद्ध होने और सम्पूर्ण देश को सशक्त बनाने की अपार संभावनाएं हैं..किन्तु, पिछले ३० वर्षों से यहाँ पूंजी निवेश संभव नहीं हो पाया परिणाम स्वरुप यहाँ से अकुशल श्रमिकों के पलायन के साथ साथ कुशल श्रमिकों अन्य प्रतिभाशालियों का पलायन एक संस्कृति बन गई थी. किन्तु वर्ष २००० के बाद से बिहार का पुनर्जागरण एक अनिवार्य नियति सी बनकर दिखाई देने लगा जब ७ दिनों के लिए ही एक ऐसी सरकार बनी जिसके प्रमुख की ईमानदारी आम जनता की दृष्टि में असंदिग्ध थी..
वर्ष २००० से ही , बिहारी-स्वाभिमान और प्राचीन भारत की गौरवशाली परम्परा, उसकी अविजित सभ्यता-संस्कृति का उल्लेख करते हुए बिहार भक्ति आन्दोलन ने एक वैचारिक जन-जागरण प्रारम्भ किया..उसी क्रम में बिहार के औरंगाबाद जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में बिहार भक्ति आन्दोलन के प्रवर्तम अरविंद पाण्डेय के वक्तव्य का यह वीडिओ है जिसमे उन्होंने अपने वक्तव्य के अंत में स्पष्ट रूप से -- एक नया बिहार -- बनाने के लिए संकल्प लेने का आह्वान किया..

----अरविंद पाण्डेय