मुजफ्फरपुर, हमारे प्रतिनिधि : डीआईजी अरविन्द पाण्डेय ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बिहार भक्ति आंदोलन बिहार के बच्चों में छुपी प्रतिभा को निखारने का काम करेगा। वैसे गरीब बच्चे को छात्रवृति दी जाएगी, जिनमें प्रतिभा होगी। बिहार भक्ति आंदोलन का लक्ष्य प्रतिभा को ढूंढ़ना और उन्हें मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर के साढ़े आठ साल का भाष्कर और साढ़े नौ साल की दिव्यानी के अध्ययन वृत्ति की जरूरत पूरी की जायेगी। इस मौके पर डीआईजी ने कहा कि मुजफ्फरपुर का भाष्कर और दिव्यानी गुदरी के लाल हैं और आनेवाले दिनों में भारत के बहुत बड़े गणितज्ञ होंगे। बिहार भक्ति आंदोलन ने कुढ़नी प्रखंड बरियापुर गांव के भाष्कर और दिव्यानी को चार महीने का कोचिंग कराने का निर्णय लिया है। उसके बाद सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं परीक्षा में शामिल होने के लिए राज्यपाल से अनुरोध किया जाएगा। ये बच्चे किसी स्कूल और कोचिंग में नहीं पढ़ रहे हंै। बरियारपुर गांव के एक निजी विद्यालय में डेढ़ माह पूर्व दाखिला लिया लेकिन वहां की पढ़ाई से संतुष्ट नहीं हो सका। ऐसी स्थिति में उसने अपनी पढ़ाई छोड़ दी। आईआईटी परीक्षा में आने वाले गणित के प्रश्न को मिनटों में हल करने की क्षमता इन बच्चों में है। आर्थिक तंगी के कारण उसकी मेधा कुंठित हो रही है।
बिहार के स्वर्णिम अतीत को स्वर्णिम वर्तमान तथा स्वर्णिम भविष्य में रूपांतरित करने और बिहारी स्वाभिमान को जागृत करने के लक्ष्य के साथ अग्रसर सभी बिहारियों का प्रथम प्रयास
Bihar Bhakti Andolan
Bihar Bhakti Andolan with the victims of Koshi Disaster in 2008
बिहार-भक्ति क्या है ?
इस वीडिओ को अवश्य देखने का कष्ट करें.आप इसे बार बार देखेगें और अपने मित्रों को भी शेयर करेगें !
Dear Friends, Watch this video, created by Bihar Bhakti Andolan, you will watch it repeatedly then and will be inspired to Share it to All Your Friends : Bihar Bhakti Andolan.
Dear Friends, Watch this video, created by Bihar Bhakti Andolan, you will watch it repeatedly then and will be inspired to Share it to All Your Friends : Bihar Bhakti Andolan.
Monday, March 31, 2008
बिहार भक्ति आंदोलन : कांडों में आयी 10 प्रतिशत कमी
मुजफ्फरपुर, हमारे प्रतिनिधि : थाने में औसतन 10 प्रतिशत दर्ज होने वाले कांडों में कमी आयी है। तिरहुत क्षेत्र में पिछले चार महीने से जन सहयोग वाली पुलिसिया कार्रवाई चल रही है। डीआईजी अरविन्द पाण्डेय ने बताया कि बिहार भक्ति आंदोलन के कारण थाने में दर्ज होनेवाले प्रतिवेदित कांडों में कमी आयी है। जमीनी विवाद से लेकर अन्य छोटे-छोटे विवाद को स्थानीय स्तर पर आपसी विमर्श से पुलिस निष्पादित करवा रही है। तिरहुत क्षेत्र में पिछले चार महीने के दौरान गत वर्ष की तुलना में मुजफ्फरपुर में 88, सीतामढ़ी में 50 कांडों में कमी आयी है। हालांकि वैशाली और शिवहर के परिणाम संतोषजनक नहीं है। डीआईजी ने नवम्बर में बिहार भक्ति आंदोलन की शुरुआत की। क्षेत्र के सभी एसपी को छोटे-मोटे विवाद को स्थानीय स्तर पर निपटाने का आदेश दिया। पुलिस अधिकारी विवाद को दूर करने के लिए माहौल तैयार करते हैं। मुजफ्फरपुर में पिछले चार महीने 1760 कांड तो गत वर्ष 1848 थाने में दर्ज हुए हैं। सीतामढ़ी में 824 तो गत वर्ष 874 कांड अंकित हुए है। वैशाली और शिवहर के एसपी भक्ति सभा में विवाद को दूर करने के लिए प्रयासरत है। वहीं डीआईजी कार्यालय से भेजे गये 607 आवेदन में 157 निष्पादित किये गये। मुजफ्फरपुर के विभिन्न थाने को 513 आवेदन भेजे गये हैं, जिसमें 371 लंबित हैं। वैशाली के 51 में 40, सीतामढ़ी के 33 में 30 एवं शिवहर के 10 में 9 मामले लंबित हैं। पाण्डेय ने बताया कि इस प्रयास से लोग मुकदमेबाजी में फंसना नहीं चाहते हैं। भंवर जाल में फंस चुके लोग अब निकलना चाह रहे हैं।
Subscribe to:
Posts (Atom)