कल, नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की जयन्ती के अवसर पर बिहार सरकार के कला संस्कृति विभाग ने उन्हें
संगीतमय श्रद्धाजलि देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया था जिसमे भारतीय प्रशासनिक सेवा के
वरीय अधिकारी श्री के . सी .साहा का वायलिन वादन और अरविंद पाण्डेय , भारतीय पुलिस सेवा, का गायन आयोजित था..
दैनिक हिन्दुस्तान ने कार्यक्रम से सम्बंधित समाचार प्रकाशित किया.जो आपके लिए प्रस्तुत है..
इस कार्यक्रम में अरविंद पाण्डेय ने गायन के साथ अपने वक्तव्यों में भ्रष्ट राजनेताओं और भ्रष्ट अधिकारियों के
कारण देश को हो रहे नुकसान का प्रखर चित्रण किया जो इस समाचार में रोचक रूप से पढ़ने लायक है ..
बिहार सरकार के कला संकृति विभाग के सचिव 1989 बैच के भारतीय प्रसासनिक सेवा अधिकारी
श्री विवेक कुमार सिंह द्वारा बिहार के सांस्कृतिक-साम्राज्य के विस्तार
के लिए हाल के दिनों में अत्यंत महत्वपूर्ण सार्थक प्रयास किये गए है ..
विभाग द्वारा प्रति सप्ताह दो सांस्कृतिक कार्यक्रम
कराये जाते हैं जिसमे देश के प्रसिद्द कलाकारों को सादर आमंत्रित किया जाता है ,,
इसी कार्यक्रम में
दिनांक 23 जनवरी २०१० को श्री अरविंद पाण्डेय ने गीतों की प्रस्तुति के क्रम में कहा कि आगामी समय
में भारत को महाशक्ति बनने और बनाने के लिए आवश्यक है कि बिहार का का सार्वभौम सशक्तीकरण किया जाय.उन्होंने कहा कि
बिहार का औग्योगीकरण, इस सशक्तीकरण का प्रथम चरण होना चाहिए. .जिस राज्य में देश की कुल जनसंख्या
के दस प्रतिशत लोग निवास करते हो उस राज्य का उद्योग-विहीन होना , उस राज्य के श्रमिको और युवाओं का रोज़गार के लिए राज्य से बाहर जाकर
रहना, राज्य की अर्थव्यवास्था और उसके सशक्तीकरण में प्रमुख बाधा है ..
संगीतमय श्रद्धाजलि देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया था जिसमे भारतीय प्रशासनिक सेवा के
वरीय अधिकारी श्री के . सी .साहा का वायलिन वादन और अरविंद पाण्डेय , भारतीय पुलिस सेवा, का गायन आयोजित था..
दैनिक हिन्दुस्तान ने कार्यक्रम से सम्बंधित समाचार प्रकाशित किया.जो आपके लिए प्रस्तुत है..
इस कार्यक्रम में अरविंद पाण्डेय ने गायन के साथ अपने वक्तव्यों में भ्रष्ट राजनेताओं और भ्रष्ट अधिकारियों के
कारण देश को हो रहे नुकसान का प्रखर चित्रण किया जो इस समाचार में रोचक रूप से पढ़ने लायक है ..
बिहार सरकार के कला संकृति विभाग के सचिव 1989 बैच के भारतीय प्रसासनिक सेवा अधिकारी
श्री विवेक कुमार सिंह द्वारा बिहार के सांस्कृतिक-साम्राज्य के विस्तार
के लिए हाल के दिनों में अत्यंत महत्वपूर्ण सार्थक प्रयास किये गए है ..
विभाग द्वारा प्रति सप्ताह दो सांस्कृतिक कार्यक्रम
कराये जाते हैं जिसमे देश के प्रसिद्द कलाकारों को सादर आमंत्रित किया जाता है ,,
इसी कार्यक्रम में
दिनांक 23 जनवरी २०१० को श्री अरविंद पाण्डेय ने गीतों की प्रस्तुति के क्रम में कहा कि आगामी समय
में भारत को महाशक्ति बनने और बनाने के लिए आवश्यक है कि बिहार का का सार्वभौम सशक्तीकरण किया जाय.उन्होंने कहा कि
बिहार का औग्योगीकरण, इस सशक्तीकरण का प्रथम चरण होना चाहिए. .जिस राज्य में देश की कुल जनसंख्या
के दस प्रतिशत लोग निवास करते हो उस राज्य का उद्योग-विहीन होना , उस राज्य के श्रमिको और युवाओं का रोज़गार के लिए राज्य से बाहर जाकर
रहना, राज्य की अर्थव्यवास्था और उसके सशक्तीकरण में प्रमुख बाधा है ..
नौ करोड़ बिहारियों द्वारा संकल्पित सुशासन-नीति के अंतर्गत प्रवर्तित इन कार्यक्रमों को व्यापक जन प्रशंसा मिल रही है..
अनुराग पाण्डेय ..
